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गुस्‍सा आना, च‍िड़च‍िड़ापन भी हो सकता है 

रेंट से मालिकाना हक तक क्यों और कैसे बदल रही है मिडिल क्लास की सोच 

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अगर आपकी नींद का कोई तय समय नहीं है, या आप देर रात भारी खाना खाते हैं तो इसका असर भी सपनों पर पड़ता है। पेट भारी होने से शरीर को आराम नहीं मिल पाता और नींद की गुणवत्ता घट जाती है। इसके अलावा, ज्यादा चाय, कॉफी या मीठे पदार्थों का सेवन भी मस्तिष्क को उत्तेजित कर देता है जिससे बुरे सपनों की आशंका बढ़ जाती है।

पूरी रात सपने क्यों आते हैं और कब आते हैं?

हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं: अपनी दिनचर्या में अच्छे आहार और व्यायाम को शामिल करें। इससे आपके दिल और मानसिक स्थिति दोनों को फायदा होगा।

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यह खौफ का ऐसा मंजर होता है, जिसमें आप अपनी जान बचाने के लिए इधर उधर here छिपते हैं.

अगर आपको लगता है कि आपका बढ़ता हुआ तनाव आपके सपनों के साथ भी खिलवाड़ कर रहा है तो इसे कंट्रोल करने की कोशिश करें। इसके लिए अपनी सुबह की शुरुआत कसरत या मॉर्निंग वॉक से करें, दिन के समय आराम करने के लिए छोटे-छोटे ब्रेक लें। 

हेल्दी स्लीप एनवायरनमेंट क्रिएट करें: अपने कमरे में अंधेरा, शांत और ठंडा या गर्म (मौसम के अनुकूल) वतावरण बनाएं, इससे एक बेहतर गुणवत्ता वाली नींद प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

सपनो का आपकी नींद पर नकारात्मक असर पड़ता है, यही नहीं यह आपके मानसिक तनाव को भी बढ़ा सकता है। चित्र : अडॉबीस्टॉक

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इन सपनों की वजह से रात में आराम से सो भी नहीं पाते हैं.

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